nahi kharch kiye mnarega ka rupya
sabhar jagran समस्तीपुर जिले में मनरेगा योजना पर लगे ग्रहण का फिलहाल कोई हल नजर नहीं आ रहा है। 381 पंचायतों में से 57 मुखियों ने मनरेगा को मन-रे-गा बनाकर छोड़ दिया है। इनकी करतूतों से जिले में फिलहाल ढाई करोड़ रुपए जमा है बावजूद काम नहंी हो पा रहा है। इनकी इस नाकामी से केन्द्र सरकार ने जिले के मनरेगा योजना को लेकर दी जाने वाली राशि पर रोक लगा दी है। इसी का नतीजा है कि सभी पंचायतों में मनरेगा का काम ठप हो गया है। 45 पंचायत के मुखिया ने अब तक मात्र 4 से 6 लाख तक रूपए ही खर्च किए है तो 12 पंचायत के मुखिया ने 4 लाख रूपए ही खर्च कर पाए है। इन सभी पंचायत के मुखिया पर नंगी तलवार लटक गई है। जिलाधिकारी कुंदन कुमार के निर्देश पर डीडीसी साकेत कुमार ने योजना में लापरवाही को लेकर इन चिन्हित मुखिया से जबाब-तलब किया है। वहीं इनके संतोषजनक जबाब नहीं आने पर पदच्युत की कार्रवाई भी की जाएगी। यहीं नहीं अब तक प्रखंडों में इस योजना के तहत क्या-क्या कार्य हुए है इसकी पूरी रिपोर्ट भी खंगाली जा रही है। साथ ही साथ मनरेगा से हुए कार्य में कौन-कौन से मुखिया पर आरोप लगाया गया था वहीं अब तक क्या कार्...